spiritual psychology india No Further a Mystery
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लफ्ज़ इंसान के गुलाम होते हैं मगर सिर्फ बोलने से पहले, बोलने के बाद तो इंसान अपने लफ्जों का गुलाम बन जाता है।
सच बोलने वाला परेशान जरूर हो सकता है पर किसी से हार नहीं सकता
जिंदगी जोखिम से भरी हुई है, सबसे बड़ा जोखिम है “कुछ नहीं करना” इससे हमें बचना चाहिए।
समस्याओं से मत डरो वह आप को तोड़ने नहीं बल्कि और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए आती हैं।
अगर माता दुष्ट है तो उसे भी तैयार रहना चाहिए।
जब इंसान नाराजगी खत्म करने की पहल करता है तो उसका यह मतलब नहीं कि वह गलत है बल्कि इसका मतलब उसे अपनी आन से ज्यादा तुमसे रिश्ता अजीज है।
जीवन का सबसे जरूरी सवाल यह है कि आपने अपनी जिंदगी में दूसरों के लिए क्या-क्या किया।
अधूरी जानकारी डर का कारण है, पर्याप्त जानकारी निर्भयता का सबूत है।
अज्ञानी होना उतनी शर्म की बात नहीं जितना की सिखने की कामना ना होना।
खुद website की तरक्की में इतना वक्त लगा दो की दुसरो की बुरे करने के लिए आपके पास वक्त ही न रहें।
जिसने किसी को अपने राज बता दिये तो समझो वो उसका मोहताज हो गया।
मेरी सफलता देखकर आप हैरान होते बहुत लोग, अगर किसी ने आज तक मेरे पांव के छाले नहीं देखे।
तुम्हारी नियत किया आजमाइश उस वक्त होती है जब तुम किसी ऐसे इंसान की मदद करो जिससे तो मैं कुछ भी मिलने की उम्मीद ना हो।
इससे कोई मतलब नहीं है कि पहले आपने क्या किया था, मतलब इससे है कि अब आप क्या कर रहे हो और आगे क्या करने वाले हो।